सिंघम अगैन रोहित शेट्टी की सुपरकॉप सीरीज़ की नवीनतम फिल्म है। इस बार वे एनिमल की सफलता से इतने प्रभावित हुए कि अपनी फिल्म में भी खून-ख़राबा बढ़-चढ़ कर दिखाया। रोहित की फ़िल्में मनमोहन देसाई की जैसी मज़े वाली होती थीं। अब वे भटक गए हैं। एक तो एनिमल की विभत्सता और दूसरी ओर रामायण से तुलना। दीवाली के मौक़े पर रामलीला के सन्दर्भ को जोड़ कर भक्तों को बटोरना चाहते हैं। लेकिन फ़ार्मूला जमा नहीं। कॉमेडी बहुत ही नगण्य है। बाजीराव के बेटे का किरदार ठीक से नहीं लिखा गया। कितनी बार मन हुआ कि फ़िल्म अब ख़त्म हो कि तब ख़त्म हो। और फ़िल्म ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही।
सलमान खान के इंतज़ार ने फ़िल्म को झेलने के लिए मजबूर कर दिया।
राहुल उपाध्याय । 1 नवम्बर 2024 । सिएटल